Class 9 SCIENCE NOTES IN HINDI CHAPTER 3
Chapter 3: परमाणु एवं अणु / Atoms and Molecules
Chapter Introduction:
इस अध्याय में आप पदार्थ के सूक्ष्म कणों अर्थात परमाणुओं और अणुओं के बारे में समझेंगे। साथ ही रासायनिक संयोजन के नियम, परमाणु द्रव्यमान, आयन, रासायनिक सूत्र तथा आण्विक द्रव्यमान जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को सरल भाषा में पढ़ेंगे।
नीचे अध्याय 3 परमाणु एवं अणु के सभी महत्वपूर्ण topics को सरल भाषा में विस्तार से समझाया गया है जो NCERT syllabus पर आधारित हैं, तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
CLASS 9 SCIENCE NOTES IN HINDI
CHAPTER 3 : परमाणु एवं अणु
DETAILS | INFORMATION |
Textbook | NCERT |
Class | Class 9 |
Subject | Science |
Chapter | Chapter 3 |
Chapter Name | परमाणु एवं अणु |
Medium | Hindi |
क्या आप Class 9 Science Chapter 3 Notes in Hindi ढूँढ रहे हैं?
यहाँ यहाँ आपको परमाणु एवं अणु अध्याय के आसान और सरल नोट्स मिलेंगे। इस अध्याय में आप परमाणु, अणु, रासायनिक संयोजन के नियम, रासायनिक सूत्र, आयन तथा आण्विक द्रव्यमान जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं के बारे में विस्तार से समझेंगे।
इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे?
3.1 रासायनिक संयोजन के नियम क्या हैं?
3.1.1 द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या है?
3.1.2 स्थिर अनुपात का नियम क्या है?
3.2 परमाणु क्या होता है?
3.2.1 विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के आधुनिक प्रतीक क्या हैं?
3.2.2 परमाणु द्रव्यमान क्या है?
3.2.3 परमाणु किस प्रकार अस्तित्व में रहते हैं?
3.3 अणु क्या है?
3.3.1 तत्वों के अणु क्या होते हैं?
3.3.2 यौगिकों के अणु क्या होते हैं?
3.3.3 आयन क्या होता है?
3.4 रासायनिक सूत्र कैसे लिखे जाते हैं?
3.4.1 सरल यौगिकों के सूत्र कैसे लिखे जाते हैं?
3.5 आण्विक द्रव्यमान क्या है?
3.5.1 सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या है?
Chapter Summary
इस अध्याय में आप परमाणु एवं अणु की मूलभूत अवधारणाओं को समझेंगे। आप जानेंगे कि किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों और उत्पादों के कुल द्रव्यमान का योग समान रहता है, जिसे द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहा जाता है।
आप स्थिर अनुपात के नियम के बारे में भी पढ़ेंगे, जिसके अनुसार किसी शुद्ध रासायनिक यौगिक में तत्व सदैव निश्चित अनुपात में उपस्थित रहते हैं। यह नियम रासायनिक यौगिकों की संरचना को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अध्याय में आप परमाणु के बारे में जानेंगे, जो किसी तत्व का सबसे छोटा कण होता है और उसके रासायनिक गुणों को प्रदर्शित करता है। साथ ही विभिन्न तत्वों के प्रतीकों तथा परमाणु द्रव्यमान की अवधारणा को भी समझेंगे।
आप अणुओं के बारे में भी पढ़ेंगे, जो किसी तत्व या यौगिक के स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रहने वाले सबसे छोटे कण होते हैं। इसके अतिरिक्त आप धनायन, ऋणायन तथा बहुपरमाणुक आयनों की संरचना एवं उनके महत्व को समझेंगे।
इस अध्याय में रासायनिक सूत्र लिखने की विधि को भी विस्तार से समझाया गया है। आप जानेंगे कि यौगिकों के सूत्र तत्वों की संयोजकता तथा आयनों के आवेशों के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं।
अंत में आप आण्विक द्रव्यमान एवं सूत्र इकाई द्रव्यमान जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं के बारे में पढ़ेंगे, जिनका उपयोग रासायनिक गणनाओं में किया जाता है। यह अध्याय रसायन विज्ञान के आगे के अध्यायों को समझने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है।
3.1 रासायनिक संयोजन के नियम क्या हैं?
रासायनिक संयोजन के नियम क्या होते हैं? इन्हें सरल भाषा में समझाइए :-
रासायनिक संयोजन के नियम :- जब दो या दो से अधिक पदार्थ आपस में रासायनिक अभिक्रिया करके नया पदार्थ बनाते हैं, तो यह प्रक्रिया कुछ निश्चित नियमों के अनुसार होती है। इन्हीं नियमों को रासायनिक संयोजन के नियम कहा जाता है।
रासायनिक संयोजन के नियम कितने प्रकार के होते है :-
रासायनिक संयोजन के मुख्य दो नियम इस प्रकार हैं :-
1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम
2. स्थिर अनुपात का नियम
3.1.1 द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या है?
द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या होता है? इसे समझाइए :-
द्रव्यमान संरक्षण का नियम :- द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश।
अर्थात, अभिक्रिया के पहले जितना द्रव्यमान होता है, अभिक्रिया के बाद भी कुल द्रव्यमान उतना ही रहता है।
उदाहरण :-
यदि 4 ग्राम हाइड्रोजन और 32 ग्राम ऑक्सीजन गैस आपस में मिलकर 36 ग्राम पानी बनाते हैं, तो कुल द्रव्यमान पहले और बाद में समान (36 ग्राम) ही रहेगा।
3.1.2 स्थिर अनुपात का नियम क्या है?
स्थिर अनुपात का नियम क्या होता है? इसे समझाइए :-
स्थिर अनुपात का नियम :- स्थिर अनुपात का नियम कहता है कि कोई भी शुद्ध रासायनिक यौगिक हमेशा उन्हीं तत्वों से बनता है, और उन तत्वों का द्रव्यमान एक निश्चित अनुपात में ही होता है —
चाहे वह यौगिक कहीं से भी प्राप्त किया गया हो या किसी भी विधि से बनाया गया हो।
उदाहरण :-
पानी (H₂O) हमेशा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से ही बनता है।
इसमें हाइड्रोजन :- ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 होता है, चाहे पानी कुएँ से मिला हो या लैब में बनाया गया हो।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत क्या है :-
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत :- रासायनिक संयोजन के नियमों पर आधारित एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
यह सिद्धांत ‘द्रव्यमान संरक्षण के नियम’ और ‘स्थिर अनुपात के नियम’ को समझाने में मदद करता है और उसे सिद्ध करता है।
डॉल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य अंश क्या हैं :-
डॉल्टन का परमाणु सिद्धांत के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं :-
1. सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं :- हर पदार्थ छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना होता है, जिन्हें परमाणु कहा जाता है।
2. परमाणु अविभाज्य और अति सूक्ष्म होते हैं :- रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न तो बनाए जा सकते हैं और न ही नष्ट किए जा सकते हैं। (यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम को सिद्ध करता है।)
3. एक ही तत्व के सभी परमाणुओं के गुण समान होते हैं :- जैसे — द्रव्यमान, आकार और रासायनिक गुणधर्म।
4. विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के गुण भिन्न होते हैं :- हर तत्व के परमाणु दूसरे तत्वों के परमाणु से अलग होते हैं — जैसे उनका भार और व्यवहार।
5. विभिन्न तत्वों के परमाणु छोटे-छोटे पूर्णांक अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं :- यह स्थिर अनुपात के नियम को सिद्ध करता है।
6. किसी भी यौगिक में परमाणुओं की संख्या और अनुपात निश्चित होता है :- जैसे — पानी (H₂O) में हमेशा 2 हाइड्रोजन और 1 ऑक्सीजन परमाणु ही मिलते हैं।
3.2 परमाणु क्या होता है?
3.2.1 विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के आधुनिक प्रतीक क्या हैं?
परमाणु क्या होता है? इसे आधुनिक दृष्टिकोण से समझाइए :-
परमाणु :- किसी तत्व का सबसे छोटा कण होता है, जो बिना अपने रासायनिक और भौतिक गुणों को बदले किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है।
नोट :-
1. यह तत्व का सूक्ष्मतम भाग होता है।
2. इसको किसी भी शक्तिशाली सूक्ष्मदर्शी से भी देखना संभव नहीं है।
परमाणु त्रिज्या क्या होती है और इसका मापन कैसे किया जाता है :-
परमाणु त्रिज्या :- किसी परमाणु के केंद्र (नाभिक) से उसके बाहरीतम इलेक्ट्रॉन तक की दूरी।
परमाणु त्रिज्या का मापन :- परमाणु त्रिज्या का मापन बहुत सूक्ष्म होता है, इसलिए इसे नैनोमीटर (nm) में मापा जाता है।
नोट :-
1. 1nm = 10–9
2. 1m = 109 nm
3.2.2 परमाणु द्रव्यमान क्या है?
परमाणु द्रव्यमान क्या होता है :-
परमाणु द्रव्यमान :- किसी तत्व के एक परमाणु के भार को परमाणु द्रव्यमान कहते हैं।
नोट :-
वर्ष 1961 में IUPAC (International Union of Pure and Applied Chemistry) ने ‘u’ को परमाणु द्रव्यमान की इकाई के रूप में मान्यता दी। इसे ‘एक परमाणु द्रव्यमान इकाई’ या ‘amu (atomic mass unit)’ भी कहते हैं।
परमाणु द्रव्यमान की इकाई क्या होती है :-
परमाणु द्रव्यमान की इकाई :- वह माप है, जिससे परमाणुओं का द्रव्यमान मापा जाता है।
इसे u या amu (atomic mass unit) से दर्शाया जाता है।
नोट :-
1 u वह द्रव्यमान होता है, जो कार्बन-12 (C-12) समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 भाग होता है।
3.2.3 परमाणु किस प्रकार अस्तित्व में रहते हैं?
परमाणु किस प्रकार अस्तित्व में रहते हैं? इसे समझाइए :-
अधिकांश तत्वों के परमाणु बहुत अभिक्रियाशील (reactive) होते हैं, इसलिए वे कभी भी अकेले यानी मुक्तावस्था (free state) में नहीं पाए जाते है।
अपवाद :-
केवल निष्क्रिय गैसों (जैसे – हीलियम, नियॉन, आर्गन) के परमाणु अपने आप में ही स्थिर होते हैं,
इसलिए ये ही एकमात्र परमाणु हैं जो मुक्तावस्था में पाए जाते हैं।
3.3 अणु क्या है?
3.3.1 तत्वों के अणु क्या होते हैं? 3.3.2 यौगिकों के अणु क्या होते हैं?
अणु क्या होता है? इसे उदाहरण सहित समझाइए :-
अणु :- दो या दो से अधिक परमाणुओं के बीच रासायनिक बंध बनने से उत्पन्न होने वाला कण होता है।
मुख्य विशेषताएँ :-
1. अणु किसी पदार्थ की सूक्ष्मतम इकाई होती है (तत्वों को छोड़कर)।
2. अणु स्वतंत्र रूप से रह सकता है और उस पदार्थ के सभी गुणधर्मों को दर्शाता है।
3. किसी अणु का निर्माण एक ही प्रकार के परमाणुओं से भी हो सकता है और भिन्न-भिन्न प्रकार के परमाणुओं से भी हो सकता है।
उदाहरण :-
1. H₂O (जल) एक अणु है जो दो हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन परमाणु से मिलकर बना है। यह जल के सभी गुणधर्मों को प्रदर्शित करता है।
2. O₂ अणु केवल ऑक्सीजन के दो परमाणुओं से बना होता है।
3. CO₂ अणु कार्बन और ऑक्सीजन के परमाणुओं से मिलकर बना होता है।
परमाणुकता क्या होती है :-
परमाणुकता :- किसी एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या परमाणुकता कहलाती है।
उदाहरण :-
1. H₂O (जल) में – 2 हाइड्रोजन + 1 ऑक्सीजन = कुल 3 परमाणु, इसलिए इसकी परमाणुकता = 3
2. CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) में – 1 कार्बन + 2 ऑक्सीजन = 3 परमाणु, इसलिए इसकी परमाणुकता = 3
3. O₂ (ऑक्सीजन गैस) में – 2 ऑक्सीजन परमाणु, इसलिए इसकी परमाणुकता = 2
3.3.3 आयन क्या होता है?
आयन क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए :-
आयन :- ऐसा परमाणु या परमाणुओं का समूह होता है, जिस पर कोई आवेश (Charge) उपस्थित होता है।
आयनों के प्रकार निम्नलिखित है :-
प्रकार | विवरण | उदाहरण |
धनायन (Cation) | वे आयन जिन पर धनात्मक आवेश (+) होता है। | Na⁺, K⁺, Ca²⁺, Al³⁺ |
ऋणायन (Anion) | वे आयन जिन पर ऋणात्मक आवेश (–) होता है। | Cl⁻, S²⁻, OH⁻, SO₄²⁻ |
3.4 रासायनिक सूत्र कैसे लिखे जाते हैं?
3.4.1 सरल यौगिकों के सूत्र कैसे लिखे जाते हैं?
रासायनिक सूत्र क्या होता है :-
रासायनिक सूत्र :- किसी यौगिक के संघटक तत्वों का प्रतीकों (symbols) और संख्याओं के माध्यम से किया गया एक प्रतीकात्मक निरूपण होता है, जिससे यह पता चलता है कि उस यौगिक में कौन-कौन से तत्व और कितने परमाणु उपस्थित हैं।
उदाहरण :-
1. H₂O = जल
इसमें 2 हाइड्रोजन और 1 ऑक्सीजन परमाणु हैं।
2. CO₂ = कार्बन डाइऑक्साइड
इसमें 1 कार्बन और 2 ऑक्सीजन परमाणु हैं।
3. NaCl = सामान्य नमक
इसमें 1 सोडियम (Na) और 1 क्लोरीन (Cl) परमाणु हैं।
रासायनिक सूत्र की मुख्य विशेषताएँ क्या होती हैं :-
रासायनिक सूत्र की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं :-
1. संयोजकता (Valency) या आवेश बराबर होने चाहिए :- किसी यौगिक के रासायनिक सूत्र में भाग लेने वाले तत्वों की संयोजकताएँ (या आयनों के आवेश) आपस में संतुलित होने चाहिए।
2. धातु पहले, अधातु बाद में लिखा जाता है :- जब किसी यौगिक में धातु और अधातु दोनों होते हैं, तो रासायनिक सूत्र में पहले धातु का नाम और फिर अधातु का नाम लिखा जाता है।
उदाहरण :-
3. बहुपरमाणविक आयन को ब्रेकेट में रखा जाता है :- यदि रासायनिक सूत्र में कोई बहुपरमाणविक आयन (Polyatomic ion) हो, और उसकी संख्या 1 से अधिक हो, तो उसे ब्रैकेट ( ) में लिखा जाता है।
4. संख्या ब्रेकेट के बाहर लिखी जाती है :- ब्रैकेट के बाहर नीचे उस आयन की संख्या लिखी जाती है,
जिससे पता चलता है कि उस आयन के कितने समूह मौजूद हैं।
उदाहरण :-
रासायनिक सूत्र लिखने के क्या नियम होते हैं :-
रासायनिक सूत्र लिखने के निम्नलिखित नियम होते हैं :-
1. तत्वों के चिह्न लिखें :- सबसे पहले भाग लेने वाले तत्वों के रासायनिक चिह्न लिखे जाते हैं।
उदाहरण :- कैल्शियम (Ca) और क्लोरीन (Cl)
2. संयोजकता (Valency) लिखें :- अब इन चिह्नों के नीचे उनके-अपने संयोजकता (valency) लिखी जाती है।
उदाहरण :- Ca = 2, Cl = 1
3. संयोजकताएँ क्रॉस करें (Cross-multiplication) :- अब एक तत्व की संयोजकता को दूसरे तत्व के नीचे लिखते हैं। इससे पता चलता है कि कितने-कितने परमाणु जुड़ेंगे।
4. संयोजकता अनुसार सूत्र बनाएँ :- क्रॉस करने के बाद प्राप्त संख्या के अनुसार रासायनिक सूत्र तैयार किया जाता है।
उदाहरण :- Ca = 2, Cl = 1 → क्रॉस करने पर → Ca₁Cl₂ → अंतिम सूत्र :- CaCl₂
3.5 आण्विक द्रव्यमान क्या है?
आणविक द्रव्यमान क्या होता है :-
आणविक द्रव्यमान :- वह कुल द्रव्यमान जो किसी एक अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के द्रव्यमान को जोड़कर प्राप्त होता है। आणविक द्रव्यमान का मात्रक भी “u” (यू), यानी परमाणु द्रव्यमान इकाई ही होता है।
3.5.1 सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या है?
सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या होता है :-
सूत्र इकाई द्रव्यमान :- किसी यौगिक की एक सूत्र इकाई में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों के योग को सूत्र इकाई द्रव्यमान कहते हैं।
सूत्र द्रव्यमान और आणविक द्रव्यमान में क्या अंतर होता है :-
सूत्र द्रव्यमान और आणविक द्रव्यमान के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित है :-
बिंदु | सूत्र द्रव्यमान | आणविक द्रव्यमान |
परिभाषा | किसी यौगिक की एक सूत्र इकाई के सभी परमाणुओं के द्रव्यमान का योग | किसी एक अणु के सभी परमाणुओं के द्रव्यमान का योग |
प्रयोग | आयनिक यौगिकों के लिए उपयोग किया जाता है | सहसंयोजी (covalent) यौगिकों के लिए उपयोग किया जाता है |
उदाहरण | NaCl (सोडियम क्लोराइड) का सूत्र द्रव्यमान = 58.5u | H₂O (जल) का आणविक द्रव्यमान = 18u |
मात्रक | “u” (परमाणु द्रव्यमान इकाई) | “u” (परमाणु द्रव्यमान इकाई) |
संरचना | आयनों पर आधारित (धनायन और ऋणायन) | अणुओं पर आधारित (परमाणुओं का समूह) |