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CLASS 9 GEOGRAPHY NOTES IN HINDI CHAPTER - 6

जनसंख्या (Population)

TextbookNCERT
ClassClass 9
SubjectGeography
ChapterChapter 6
Chapter Nameजनसंख्या
MediumHindi

6.1 जनसंख्या का आकार एवं वितरण

6.1.1 भारत की जनसंख्या का आकार एवं संख्या के आधार पर वितरण

जनगणना:-

एक निश्चित समयांतराल पर की जाने वाली जनसंख्या की आधिकारिक गणना को जनगणना कहा जाता है।

  1. यह सरकार द्वारा कराई जाती है।
  2. इसमें देश की कुल जनसंख्या की गणना की जाती है।
  3. यह निश्चित अंतराल (आमतौर पर 10 वर्ष) पर होती है।
  4. इसमें जनसंख्या की आयु, लिंग, साक्षरता, व्यवसाय आदि की जानकारी एकत्र की जाती है।
  5. यह योजना निर्माण और विकास कार्यों के लिए उपयोगी होती है।
उदाहरण:- भारत में हर 10 वर्ष में जनगणना की जाती है, जिससे देश की कुल जनसंख्या और उसकी विशेषताओं की जानकारी मिलती है।

भारत में जनगणना की शुरुआत:-

  1. भारत में पहली बार 1872 ई. में जनगणना की गई थी।
  2. हालांकि 1881 ई. में पहली बार पूरे देश में एक व्यवस्थित और संपूर्ण जनगणना कराई गई।
  3. 1881 से प्रत्येक 10 वर्ष के अंतराल पर जनगणना कराई जाती है।
  4. यह प्रक्रिया आज तक निरंतर रूप से जारी है।
उदाहरण:- 1881 में जनगणना हुई, तो उसके बाद 1891, 1901, 1911 आदि वर्षों में हर दस वर्ष पर जनगणना कराई गई।

भारत की कुल जनसंख्या (2011):-

  1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 1,21,01,93,422 थी।
  2. यह विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 17.5% भाग है।
  3. इससे स्पष्ट होता है कि भारत विश्व के सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों में से एक है।

2011 की जनगणना के अनुसार सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य:-

  1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है।
  2. यहाँ की कुल जनसंख्या 19,92,81,477 थी।
  3. यह भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 16% हिस्सा है।

2011 की जनगणना के अनुसार सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य:-

  1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम देश का सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य है।
  2. यहाँ की कुल जनसंख्या 6,07,688 थी।
  3. यह कम जनसंख्या वाला एक छोटा पर्वतीय राज्य है।

भारत की लगभग आधी आबादी पाँच राज्यों में निवास करती है:-

भारत की लगभग आधी जनसंख्या केवल पाँच राज्यों में रहती है। ये राज्य निम्नलिखित हैं:

  1. उत्तर प्रदेश
  2. महाराष्ट्र
  3. बिहार
  4. पश्चिम बंगाल
  5. आंध्र प्रदेश
नोट:- इन पाँच राज्यों में मिलकर भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 50% भाग निवास करता है, जिससे स्पष्ट होता है कि देश की जनसंख्या कुछ राज्यों में अधिक केंद्रित है।

6.1.2 घनत्व के आधार पर भारत में जनसंख्या वितरण

जनसंख्या घनत्व:-

किसी क्षेत्र के प्रति इकाई क्षेत्रफल (आमतौर पर प्रति वर्ग किलोमीटर) में रहने वाले लोगों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहा जाता है।

जहाँ कम क्षेत्र में अधिक लोग रहते हैं वहाँ जनसंख्या घनत्व अधिक होता है और जहाँ बड़े क्षेत्र में कम लोग रहते हैं वहाँ जनसंख्या घनत्व कम होता है।

भारत में जनसंख्या घनत्व:-

  1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था।
  2. बिहार में जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है, जहाँ लगभग 1,102 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर रहते हैं।
  3. इसके विपरीत अरुणाचल प्रदेश में जनसंख्या घनत्व बहुत कम है, जहाँ केवल 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर लोग रहते हैं।

भारत में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य:-

भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य पश्चिम बंगाल है, जहाँ जनसंख्या घनत्व लगभग 1028 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।

नोट:- अधिक उपजाऊ भूमि तथा रोजगार के अवसर होने के कारण पश्चिम बंगाल में जनसंख्या का घनत्व अधिक पाया जाता है।

भारत में सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य:-

2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश है, जहाँ जनसंख्या घनत्व लगभग 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।

नोट:- यहाँ के पर्वतीय भूभाग, घने वन और कठिन परिवहन के कारण जनसंख्या कम पाई जाती है।

6.2 जनसंख्या वृद्धि एवं जनसंख्या परिवर्तन की प्रक्रिया

6.2.1 जनसंख्या वृद्धि

जनसंख्या वृद्धि:-

किसी निश्चित समय अवधि (जैसे 10 वर्ष) में किसी देश या राज्य की जनसंख्या में होने वाला परिवर्तन जनसंख्या वृद्धि कहलाता है।

जनसंख्या में होने वाले इस परिवर्तन को दो तरीकों से व्यक्त किया जाता है:

  1. सापेक्ष वृद्धि — किसी निश्चित समय में जनसंख्या की कुल संख्या में हुई वास्तविक बढ़ोतरी।
  2. प्रतिशत वृद्धि — किसी निश्चित समय में जनसंख्या में प्रति वर्ष प्रतिशत के रूप में होने वाला परिवर्तन।

निरपेक्ष वृद्धि:-

किसी निर्धारित समय अवधि (जैसे एक वर्ष या एक दशक) में जनसंख्या की कुल संख्या में हुई वास्तविक बढ़ोतरी को निरपेक्ष वृद्धि कहते हैं। इसे प्राप्त करने के लिए बाद की जनसंख्या से पहले की जनसंख्या को घटाया जाता है।

निरपेक्ष वृद्धि = बाद की जनसंख्या − पहले की जनसंख्या
उदाहरण:- यदि किसी स्थान की जनसंख्या 2001 में 5,00,000 थी और 2011 में 6,50,000 हो गई, तो निरपेक्ष वृद्धि = 6,50,000 − 5,00,000 = 1,50,000

वार्षिक वृद्धि दर:-

वार्षिक वृद्धि दर का अर्थ है प्रति वर्ष जनसंख्या में होने वाली प्रतिशत वृद्धि। यह बताती है कि हर वर्ष कुल जनसंख्या में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है।

उदाहरण:- यदि किसी शहर की जनसंख्या 10,000 है और वार्षिक वृद्धि दर 2% है, तो एक वर्ष में 10,000 का 2% = 200, अर्थात अगले वर्ष जनसंख्या 10,200 हो जाएगी।

6.2.2 जनसंख्या वृद्धि/परिवर्तन की प्रक्रिया

जनसंख्या वृद्धि के घटक:-

जनसंख्या वृद्धि के मुख्य तीन घटक होते हैं, जिनके कारण किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती या घटती है।

  1. जन्मदर (Birth Rate)
  2. मृत्युदर (Death Rate)
  3. प्रवास (Migration)

जन्मदर:-

किसी क्षेत्र में एक वर्ष के दौरान प्रति 1000 व्यक्तियों पर जितने जीवित बच्चों का जन्म होता है, उसे जन्मदर कहते हैं।

  1. यह किसी देश या क्षेत्र में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या को दर्शाती है।
  2. इसे प्रति हजार (1000) व्यक्तियों के आधार पर मापा जाता है।
  3. भारत में सामान्यतः जन्मदर मृत्युदर से अधिक रही है।

मृत्युदर:-

किसी क्षेत्र में एक वर्ष के दौरान प्रति 1000 व्यक्तियों में जितने लोगों की मृत्यु होती है, उसे मृत्युदर कहते हैं।

  1. यह किसी देश या क्षेत्र में मरने वाले लोगों की संख्या को दर्शाती है।
  2. मृत्युदर से किसी देश की स्वास्थ्य स्थिति और जीवन स्तर का अनुमान लगाया जाता है।
  3. यदि चिकित्सा सुविधाएँ और जीवन स्तर अच्छे हों तो मृत्युदर कम हो जाती है।

प्रवास:-

जब लोग एक स्थान या क्षेत्र से दूसरे स्थान पर रहने के लिए चले जाते हैं, तो इसे प्रवास कहा जाता है।

  1. प्रवास दो प्रकार का होता है — आंतरिक प्रवास (देश के भीतर) और अंतर्राष्ट्रीय प्रवास (एक देश से दूसरे देश में)।
  2. भारत में अधिकतर प्रवास गाँव से शहर की ओर होता है।
  3. शहरों में बेहतर रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ लोगों को आकर्षित करती हैं।
  4. प्रवास के कारण भारत में नगरीय (शहरी) जनसंख्या में वृद्धि हुई है।
उदाहरण:- यदि कोई व्यक्ति गाँव से नौकरी के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे शहर में रहने चला जाता है, तो इसे प्रवास कहा जाएगा।

6.3 आयु संरचना

आयु संरचना:-

किसी देश की जनसंख्या को विभिन्न आयु समूहों (Age Groups) के आधार पर विभाजित करना आयु संरचना कहलाता है। इससे यह पता चलता है कि किसी देश में बच्चों, वयस्कों और वृद्धों की संख्या कितनी है।

  1. बच्चे (15 वर्ष से कम):- ये आर्थिक रूप से उत्पादनशील नहीं होते हैं। इन्हें भोजन, वस्त्र, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता होती है।
  2. वयस्क (15 से 59 वर्ष):- यह कार्यशील जनसंख्या होती है। इन्हें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
  3. वृद्ध (59 वर्ष से अधिक):- यह वर्ग सामान्यतः कम उत्पादन करता है। इनमें कार्यरत और सेवानिवृत्त (Retired) दोनों प्रकार के लोग हो सकते हैं।

6.4 लिंग अनुपात

लिंगानुपात:-

किसी क्षेत्र या देश में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंगानुपात कहा जाता है। यह किसी समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच संतुलन को दर्शाता है।

  1. उच्च लिंगानुपात का अर्थ है कि महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है।
  2. कम लिंगानुपात का अर्थ है कि महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम है।
उदाहरण:- यदि किसी क्षेत्र में 1000 पुरुषों पर 950 महिलाएँ हैं, तो उस क्षेत्र का लिंगानुपात 950 माना जाएगा।

भारत में लिंगानुपात:-

  1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में प्रति 1000 पुरुषों पर 943 महिलाएँ हैं।
  2. भारत के राज्यों में लिंगानुपात में काफी अंतर पाया जाता है।
  3. केरल में लिंगानुपात सबसे अधिक है।
  4. दिल्ली में लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम पाया जाता है।
नोट:- 2011 की जनगणना के अनुसार केरल में 1000 पुरुषों पर 1084 महिलाएँ हैं, जबकि दिल्ली में 1000 पुरुषों पर 866 महिलाएँ हैं।

6.5 साक्षरता दर

साक्षर:-

वह व्यक्ति जिसकी आयु 7 वर्ष या उससे अधिक हो और जो किसी भाषा को समझकर पढ़ और लिख सकता हो, उसे साक्षर कहा जाता है।

  1. साक्षर व्यक्ति की आयु कम से कम 7 वर्ष होनी चाहिए।
  2. वह किसी भाषा को समझने की क्षमता रखता हो तथा पढ़ और लिख सकता हो।
  3. साक्षरता से किसी देश के शिक्षा स्तर का पता चलता है।
उदाहरण:- यदि कोई 10 वर्ष का बच्चा हिंदी पढ़ और लिख सकता है, तो उसे साक्षर माना जाएगा।

भारत की साक्षरता दर:-

  1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल साक्षरता दर 74.08% है।
  2. इसमें पुरुषों की साक्षरता दर 82.14% है।
  3. महिलाओं की साक्षरता दर 65.46% है।
  4. भारत में सबसे अधिक साक्षरता वाला राज्य केरल है, जहाँ साक्षरता दर लगभग 93.9% है।
  5. भारत में सबसे कम साक्षरता वाला राज्य बिहार है, जहाँ साक्षरता दर लगभग 63.82% है।
नोट:- केरल में अधिक साक्षरता होने के कारण वहाँ के लोगों का शिक्षा स्तर और सामाजिक विकास अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।

6.6 व्यावसायिक संरचना

व्यावसायिक संरचना:-

किसी देश में लोग अलग-अलग प्रकार के कार्य या व्यवसाय करते हैं। इन विभिन्न व्यवसायों में लोगों के विभाजन को व्यावसायिक संरचना कहा जाता है।

  1. प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector):- इस क्षेत्र में लोग प्राकृतिक संसाधनों से सीधे जुड़े कार्य करते हैं, जैसे खेती, पशुपालन, मछली पालन, खनन आदि।
  2. द्वितीयक क्षेत्र (Secondary Sector):- इस क्षेत्र में कच्चे माल को तैयार वस्तुओं में बदला जाता है, जैसे उद्योग और कारखाने।
  3. तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector):- इस क्षेत्र में सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जैसे परिवहन, संचार, व्यापार, बैंकिंग आदि।
नोट:- वर्तमान समय में द्वितीयक और तृतीयक व्यवसाय तेजी से बढ़ रहे हैं। विकसित देशों में अधिकतर लोग इन्हीं व्यवसायों में कार्य करते हैं, जबकि भारत जैसे विकासशील देशों में प्राथमिक कार्यों में लगे लोगों की संख्या अधिक है।

6.7 स्वास्थ्य का जनसंख्या पर प्रभाव

स्वास्थ्य:-

स्वास्थ्य जनसंख्या की संरचना का एक महत्वपूर्ण घटक है और यह किसी देश के विकास की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है।

  1. स्वास्थ्य जनसंख्या की गुणवत्ता और जीवन स्तर को दर्शाता है।
  2. अच्छा स्वास्थ्य किसी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक होता है।
  3. भारत में सरकार द्वारा चलाए गए स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कारण लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार हुआ है, जिससे मृत्युदर में भी कमी आई है।
उदाहरण:- टीकाकरण, अस्पतालों की सुविधा और स्वच्छता कार्यक्रमों के कारण लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और मृत्युदर कम हो जाती है।

6.8 किशोर जनसंख्या

किशोर जनसंख्या:-

किसी देश में 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को किशोर जनसंख्या कहा जाता है।

  1. भारत की जनसंख्या की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी बड़ी किशोर जनसंख्या है।
  2. इन्हें भविष्य का महत्वपूर्ण मानव संसाधन माना जाता है।
  3. किशोरों को बच्चों और वयस्कों की तुलना में अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
  4. भारत में अनेक किशोर बालिकाएँ रक्तअल्पता (एनीमिया) की समस्या से पीड़ित हैं।
उदाहरण:- यदि किसी व्यक्ति की आयु 15 वर्ष है, तो वह किशोर जनसंख्या के अंतर्गत आएगा।

6.9 राष्ट्रीय जनसंख्या नीति

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000:-

यह नीति देश में जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए बनाई गई है।

इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  1. 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना।
  2. शिशु मृत्युदर को प्रति 1000 में 30 से कम करना।
  3. बच्चों को टीकाकरण द्वारा टीकारोधी बीमारियों से बचाना।
  4. लड़कियों की विवाह की आयु बढ़ाना।
  5. परिवार नियोजन के लिए एक स्पष्ट नीतिगत ढाँचा प्रदान करना।
उदाहरण:- सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान और परिवार नियोजन कार्यक्रम राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 के उद्देश्यों को पूरा करने के प्रयास हैं।

6.9.1 राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 और किशोरों का संबंध

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 और किशोर:-

इस नीति में किशोरों को जनसंख्या के एक महत्वपूर्ण वर्ग के रूप में माना गया है, जिन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

  1. किशोरों को जनसंख्या का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
  2. उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है।
  3. किसी भी देश के लिए लोग सबसे मूल्यवान संसाधन होते हैं।
  4. शिक्षित और स्वस्थ जनसंख्या ही देश को मजबूत कार्यशील शक्ति प्रदान करती है।
नोट:- यदि किशोरों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें, तो वे भविष्य में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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